Tuesday , June 27 2017
Amazon drone delivery

अमेजन कर रहा भारत में ड्रोन से पैकेज डिलीवरी की तैयारी

ईमानदारी से कहें तो भारत एक ऐसी जगह नहीं है जहां आप आसानी से ड्रोन उड़ा सकें। हां, ऐसे लोग हैं जिनके पास देश में ड्रोन उड़ाने की परमिशन है, लेकिन परमिशन लेना कठिन होता है क्योंकि कोई भी पेचीदा काम में नहीं फसना चाहता हैं। हालाँकि स्थिति अब धीरे-धीरे बदल रही है क्योंकि अब पहले से ज्यादा लोग ड्रोन खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। अमेजन ड्रोन को लेकर ही एक शानदार प्लान पर काम कर रहा है। अमेजन इंडिया ने भारत में एक पेटेंट आवेदन दायर किया है, जो संकेत करता है कि कंपनी अमेजन प्राइम एयर को देश में लाने की योजना बना सकता है।

एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अब एक नया पेटेंट दायर किया है जिसमें इन ड्रोन को स्वचालित हवाई वाहन (UAC) के रूप में दर्शाया गया हैं। ये ड्रोन सुरक्षित तौर पर उड़ान भर सकते है और अपने पैकेजों को वितरित करते समय मनुष्य या जानवरों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। अगर आपको अमेजन प्राइम एयर के बारे में पता नहीं है, तो हम आपको बताना चाहेगें कि यह पैकेजों को वितरित करने के लिए एक सेवा है जो छोटे ड्रोनों का उपयोग करते हुए पांच पाउंड से कम वजन के पैकेज डिलीवर करती हैं। अगर यह सेवा देश में लागू कर दी जाती है, तो लगभग 30 मिनट या उससे कम समय में ही अमेजन पैकेड की डिलीवरी आपके घर पर कर देगा।

यह नया पेटेंट आवेदन प्रोपेलर सुरक्षा से जुड़ी एक नई प्रणाली का वर्णन करता है। इसके अनुसार यह सिस्टम किसी मानव या जानवर के इस ड्रोन के संपर्क को खुद ही पहचान लेता है। अगर यह ड्रोन किसी मानव या प्राणी के संपर्क में आना है तो संपर्क तुरंत खत्म भी कर देता है। इसके लिए यह एक सुरक्षा प्रोफ़ाइल को शुरू करता है जिससे ड्रोन की पंखुड़ियों के रोटेशन को तुरंत रोक सकता है। इससे किसी भी मानव या प्राणी को चोट नहीं लगती। इसे बेहतर ढंग से समझने के लिए, नीचे दिए गए उदाहरण को पढ़ें।

यदि ड्रोन में लगे पैकेज को आपके घर के पीछे वाले एरिया में डिलीवर करने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया है, और लैंडिंग के समय, यदि घर के पालतू पशु या रास्ते में किसी भी ऑब्जेक्ट का इस ड्रोन से सामना हो, तो यह जल्दी से जवाब देगा और वस्तु को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा। यह पखुंडि़यों को रोक देता है औऱ ड्रोन ऑब्जेक्ट से दूर चला जाता है। इसके साथ ही दूर लैंड होकर साइरन चालू कर देता है।

पेटेंट पर नजर डाले तो एक और दिलचस्प बात पता चली है कि ये ड्रोन इंफोर्मेशऩ प्रदान करने या प्राप्त करने के लिए क्षेत्र में मोजूद अन्य ड्रोन के साथ कम्यूनिकेट करेगें। यह इंफोर्मेशऩ मौसम की जानकारी, लैंडिंग स्थिति, ट्रैफ़िक, ऑब्जेक्ट या अन्य सुरक्षा प्रोफाइल जैसी कुछ भी हो सकती है। यह सारी इंफोर्मेशऩ तब ड्रोन द्वारा एक वैकल्पिक मार्ग या डिलीवरी के अलग-अलग समय की योजना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ऐसा लगता है कि कंपनी यू.के. में पहले से ही इसका परीक्षण भी कर रही है। ताकि इन प्रणालियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता में सुधार लाने के लिए डेटा एकत्र किया जा सके।

रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी यू.एस. पेटेंट और ट्रेडमार्क कार्यालय से पहले ही हवाई वाहन से पैकेज की डिलीवरी करने के लिए इजाजत प्राप्त कर चुकी है। ताकि हवाई वाहनों द्वारा पैकेज की डिलीवरी जल्द ही शुरू हो सके। हालांकि, अभी तक, हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि ये सर्विस इंडिया में कैसे काम करेगी। लेकिन जल्दी या कुछ समय में अगर आपको किसी पैकेज के चारों ओर ड्रोन उड़ते दिखे, तो चिंता न करें, यह पैकेज वितरण सेवा के बेहतर भविष्य के लिए है।

Source – Business Standard

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