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Wireless

नए वाई-फाई सिस्टम से मिलेगी पहले से 100 गुना तेज स्पीड

वैज्ञानिकों ने इंफ्रारेड तरंगों पर आधारित एक ऐसा वायरलैस इंटरनेट डवलप किया है जो पहले के वाई-फाई नेटवर्क की तुलना में 100 गुना तेज स्पीड देगा। इतना ही नहीं इस वाई-फाई नेटवर्क से पहले की तुलना में कहीं ज्यादा डिवाइस भी जोड़े जा सकेगें। यह नया नेटवर्क नीदरलैण्ड की इन्डोवेन यूनिवर्सिटी आॅफ टेक्नोलाॅजी के शोधकर्ताओं ने डवलप किया है।

वर्तमान में चल रहे वाई-फाई सिस्टम में 300Mbps से ज्यादा स्पीड नहीं मिलती है। लेकिन नए सिस्टम को डवलप करने वाले शोधकर्ताओं के मुताबिक नए सिस्टम से करीब 40Gbps से भी ज्यादा स्पीड मिल सकेगी। जो कि करीब 100 गुना ज्यादा है। इसकी नेटवर्क की एक खासियत यह भी है कि इसमें काम में ली गई इंफ्रारेड तरंगे किसी तरह का नुकसान नहीं करती है।

नया सिस्टम सेटअप करने में सस्ता औऱ सरल भी है। वर्तमान वाई-फाई सिस्टम रेडियो सिग्नल इस्तेमाल करता है जिसकी फ्रिक्वेंसी 2.5 या 5Ghz होती है। लेकिन नया सिस्टम इंफ्रारेड तरंगों का इस्तेमाल करता है जिसकी तरंग की लम्बाई 1500 नैनोमीटर या ज्यादा होती है। इसी के चलते शोधकर्ता प्रयोग के दौरान 2.5 मीटर की दूरी पर 42.8 Gbit/s की स्पीड पा सके।

इस सिस्टम में अभी तक प्रकाश की किरणों का इस्तेमाल कर डाउनलोड ही किया गया है। अपलोड अभी भी रेडियो सिग्नल से ही किया जा रहा है। इस सिस्टम में वायरलैस डाटा किसी भी बिल्डिंग की छत पर लगे लाइट एंटीना से आता है। जो आॅप्टिकल फाइबर से मिली प्रकाश की किरणों को सीधे भेज देता है। इस एंटीना में ग्रेटिंग का जोड़ा होता है जो प्रकाश की किरणों को विभिन्न तरंगदैध्य पर विभिन्न कोण से फैला देता है।

अगर कोई स्मार्टफोन इस लाइट एंटीना की नजर से बाहर जाता है तो उसकी जगह दूसरा एंटीना ले लेता है। इस सिस्टम में नया डिवाइस जोड़ना बहुत ही आसान है। तेज गति से वायरलैस इंटरनेट चलाने पर यह रिसर्च अभी भी चल रहा है।

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