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व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन ध्यान दें! भ्रामक मैसेज पर हो सकती है आपके खिलाफ पुुलिस FIR

क्या आप व्हाट्सऐप पर कई ग्रुप्स के एडमिन है तो सावधान हो जाएं औऱ जिम्मेदारी लेने के लिए भी तैयार हो जाएं। वाराणसी के जिलाधीश योगेश्वर राम मिश्रा और सीनियर सुपरिटेंडेंट आॅफ पुलिस (SSP) ने एक संयुक्त आदेश पारित किया है। जिसके अनुसार व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन को ग्रुप में भेजे जाने वाले मैसेज की भी जिम्मेदारी लेनी होगी। आदेश के मुताबिक देश में 20 करोड़़ से भी ज्यादा व्हाट्सऐप यूजर है और रोजान घड़ल्ले से विभिन्न तरह के मैसेज व्हाट्सऐप पर भेजे जाते हैं। इन्हीं में से कई फेक न्यूज, फोटो भी भेज दिए जाते हैं जिससे कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। यहां तक कि कई बार तो फेक मैसेज के चक्कर में कई इलाकों में महीनों तक तनाव कायम रहता है।

क्या कहता है आदेश?

व्हाट्सऐप ग्रुप में कई मेंबर जुड़े होने की वजह से एक ही मैसेज कई लोगों तक पहुंचता है। वहीं लोग उस मैसेज को अन्य ग्रुपों में भी भेज देते हैं औऱ वह मैसेज आग की तरह फैल जाता है। इसी के चलते यह आदेश पारित किया गया है। जिसके अनुसार किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप में किसी भी तरह का गलत मैसेज या अफवाह भेजने पर ग्रुप एडमिन के खिलाफ पुलिस FIR भी दर्ज की जा सकती है। आदेश के मुताबिक ग्रुप एडमिन को केवल अपने जान-पहचान वाले लोगों को ही ग्रुप में जोड़ना चाहिए। इसके साथ ही ग्रुप में गलत या अफवाह वाले मैसेज भेजने वाले मेंबर को तुरंत रिमूव कर देना चाहिए। जिससे की किसी तरह का धार्मिक तनाव आदि ना फैल सके। अगर ग्रुप एडमिन ऐसा नहीं करता है तो उसे भी गलत मैसेज फैलाने का आरोपी मान लिया जाएगा औऱ उसके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। मामले में हो सके तो ग्रुप मेंबर के ही खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की जा सकती है, जिससे कि मामले में कोई एक्शन सीधे मेंबर के ही खिलाफ लिया जा सके।

ग्रुप एडमिन के लिए गाइडलाइन

  • भ्रामक मैसेज भेजने वाले मेंबर को तुरंत ग्रुप से रिमूव करें।
  • धार्मिक तनाव फैलाने वाले मैसेज भेजने वाले सदस्य की शिकायत करें।
  • केवल जान-पहचान वाले भरोसेमंद लोगों को ही ग्रुप में जोड़े।

आदेश के मुताबिक,” सोशल मीडिया पर न्यूज ग्रुप नाम से कई ग्रुप बने हुए हैं जो झूठी खबर या जानकारी को फैलाते हैं। कई बार फैक्ट चैक किए बिना ही मैसेज को आगे फाॅरवर्ड कर दिया जाता है। जिससे भ्रम अन्य लोगों में भी फैलता है और तनाव की स्थिति बनती है। इसी की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया ग्रुप को लेकर आदेश पारित किया गया है जिसमें व्हाट्सऐप और फेसबुक ग्रुप एडमिन औऱ मेंबर शामिल है।”

वाराणसी प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी का लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। प्रशासन ने क्षेत्र में कोई भी धार्मिक तनाव ना फैले और किसी भी भावनाएं आहत ना हो। इसी के चलते यह एक्शन लिया है। मामले में सायबर क्राइम कानून, इंफोर्मेशऩ टेक्नोलाॅजी एक्ट औऱ IPC की विभिन्न धाराओं में का उल्लघंन पाने पर केस दर्ज किया जा सकता है। आदेश के तहत सुप्रीम कोर्ट औऱ विभिन्न कोर्ट के नियमों का भी एक्शन लेते समय पालन किया जाएगा

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