Tuesday , June 27 2017
Best Security Apps for Android
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सिक्योरिटी टिप्स – इन दस तरीकों से एंड्राॅयड स्मार्टफोन पर पर्सनल डाटा चोरी होने से बचाएं

आजकल सभी के पास एंड्राॅयड स्मार्टफोन है, परिवार हो या आॅफिस या फिर फ्रेंड सर्किल हर किसी के पास एंड्राॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाला स्मार्टफोन है। इस आर्टिकल में आज हम कुछ एंड्राॅयड सिक्योरिटी टिप्स के बारे में बात करेगें। वैसे तो एंड्रॉयड दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे विंडोज आदि की तुलना में काफी सुरक्षित है और आपके फोन का डाटा जैसे फोटो, पासवर्ड आदि लीक होने की संभावना कम होती है। लेकिन फिर भी मुसीबत कभी कहकर नहीं आती और हो सकता है आपने गलती से कोई ऐसी ऐप इंस्टाॅल कर ली हो जिसमें कोई बग हो और यह आपके फोन का सारा डाटा लीक कर दे। इसलिए हम नीचे कुछ ऐसे टिप्स दे रहे हैं जो हर तरह की स्थिति में आपके फोन को बचाएंगे।

लाॅक स्क्रीन को सिक्योर बनाए

कोई भी आपके स्मार्टफोन को चलाना चाहता हो तो उसे सबसे पहले फोन का पासवर्ड, पिन, पैटर्न लाॅक आदि पता होना चाहिए। यही वह चीज होती है जो अगर दूसरे को पता हो तो वह स्मार्टफोन आसानी से चला सकता है। इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी आपकी प्राइवेज जानकारी को ना देखे सके। सबसे पहले स्मार्टफोन में कोई अच्छा पासवर्ड सेट कर ले। ज्यादातर लोग पासवर्ड 1234 और 0000 डालकर ही काम चलाते हैं, लेकिन इन्हें कोई भी आसानी से अनुमान लगा लेगा। कई लोग अपने जन्मदिन की तारीख को भी पासवर्ड बना लेते हैं, लेकिन इसे भी आपके दोस्त, रिश्तेदार या कोई भी आपका जन्मदिन जानता हो, वह आसानी से कोड डालकर फोन अनलाॅक कर लेगा।

इन दिनों लगभग सभी अच्छे स्मार्टफोन्स में फिंगरप्रिंट स्कैनर आता है, अगर आपके स्मार्टफोन में भी यह फीचर है तो आप बहुत ही आसानी से फोन को सुरक्षित बना सकते हैं। केवल इस स्कैनर पर अपनी अंगुली रख कभी भी फोन को लाॅक-अनलाॅक कर सकते हैं। इतना ही नहीं फिंगरप्रिंट स्कैनर से विभिन्न तरह के पेमेंट भी एंड्राॅयड पे सर्विसेज से बहुत आसानी से और सुरक्षित तौर पर की जा सकती है। अगर आप अभी एक नया स्मार्टफोन खरीदने जा रहे हैं तो फिंगरप्रिंट स्कैनर वाला फोन ही लेवें। इसके साथ ही आप नीचे दिए गए अन्य तरीकों पर भी गौर कर सकते हैं।

स्मार्ट फोन लाॅक – ज्यादातर लाॅकस्क्रीन ऐप्स को बाॅयपास कर कोई भी आपके फोन को चला सकता है। लेकिन यह ऐप सुरक्षा के मामले में इतनी अच्छी है कि एक बार आप इसे इंस्टाॅल कर लें तो आपकी इजाजत के बिना कोई भी इसे अनइंस्टाॅल नहीं कर सकता। स्मार्टफोन लाॅक ऐप की सबसे बड़ी खासियत है समय के आधार पर पिन बदलना। उदाहरण के लिए अगर अभी टाइम 11:30 हो रहा है और आपने ऐप में +10 अंक डाला है तो आपका पासवर्ड 1140 होगा। इस तरह समय बदलने के साथ ही आपको केवल +10 करना होगा और पासवर्ड बदलता रहेगा। आप +10 की जगह दूसरा अंक भी चुन सकते हैं।

फेस लाॅक – फेस लाॅक फीचर से ज्यादातर लोग परिचित होगें। कई स्मार्टफोन्स में यह पहले से ही आता है। अगर आपके फोन में यह फीचर नहीं है तो आप फेस लाॅक ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। फोन को लाॅक करने के साथ ही आप कुछ चुनिंदा ऐप्स जैसे वाट्सअप, फेसबुक, सेटिंग्स और फोटो गैलेरी आदि को भी लाॅक कर सकते हैं।

Android Play Store Apps

ऐप्स प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें

कई लोग अपने फोन में APK फाइल डाउनलोड कर ऐप्स इंस्टाॅल करते हैं। हालांकि ऐप्स को प्ले स्टोर से डाउनलोड करना ही सबसे सही और सुरक्षित तरीका है। फिर भी लोग APK वाली टेक्निक अपनाते हैं। हालांकि इस तरह से ऐप्स इंस्टाॅल करने वालों को यह पता नहीं होता कि जो APK पैकेज आप डाउनलोड कर रहे हैं वह बदला हुआ भी हो सकता है और इससे फोन के लिए हानिकारक फाइल इंस्टाॅल हो सकती है। यहां तक कि कोई मैलवेयर, ट्रोजन या कीलोगर भी फोन में आ सकता है और सारी पर्सनल जानकारी चुरा सकता है।

इसे रोकने का एक तरीका है। बस अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाएं वहां से Settings > Security > Unknown sources नाम से एक आॅप्शन मिलेगा। इसे अनचेक कर दे। इससे कोई भी APK फाइल स्मार्टफोन में इंस्टाॅल नहीं होगी।

Chrome ब्राउजर का इस्तेमाल करें

पहले एंड्रायड स्मार्टफोन्स में दो ब्राउजर इंस्टाॅल आते थे। लेकिन एंड्राॅयड लोलीपोप के आने के बाद से क्राॅम ब्राउजर ही इंस्टाॅल आ रहा है। अगर आप प्ले स्टोर पर नजर डाले तो पाएंगे कि वहां कई तरह के ब्राउजर उपलब्ध है जो अच्छी स्पीड, डाटा सेविंग्स, सिक्योरिटी आदि देने का दावा करते हैं। लेकिन क्राॅम ही सबसे अच्छा है, हालांकि यह बहुत बैटरी खत्म करता है, फिर भी यह बेस्ट ब्राउजर है। वहीं दूसरे ब्राउजर कई तरह के ऐड, आॅफर आदि के साथ आते हैं जिनके साथ कई बार आपको पर्सनल डाटा भी शेयर करना पड़ता है।

Bloatware ऐप्स को डिसएबल या ब्लाॅक करें

आईफोन की बजाय आप कई एंडाॅयड डिवाइस देख सकते हैं जो सस्ते और विभिन्न कीमतों में आते हैं। हालांकि इनमें से कुछ के सस्ते होने के कारण इनमें पहले से इंस्टाॅल ऐप्स होती है, जिन्हें अपने फोन में इंस्टाॅल करने पर ब्रांड को पैसा मिलता है। यह तरीका कंपनी को डिवाइस की कीमत कम करने में मदद करता है। कई बार इनमें से कुछ ऐप्स मददगार होती है और काम भी आती है। लेकिन इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि ये ऐप्स कई बार फोन का विभिन्न डाटा भी देख सकती है।

अगर हम सैमसंग स्मार्टफोन्स की बात करें तो ज्यादातर में कंपनी की ओर से पहले से इंस्टाॅल ऐप्स को आप हटा नहीं पाते। दूसरा तरीका यह है कि आप अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर इन्हें डिसएबल कर सकते हैं। इसके लिए अपने सेटिंग्स में जाकर Apps आॅप्शन में जाएं और वहां उस ऐप को खोल डिसएबल कर दें। इन ऐप्स को डिसएबल कर देने से वे काम करना बंद कर देगी।

Two-Factor Authentication इस्तेमाल करें

ईमेल अकाउंट्स से लेकर सोशल नेटवर्किंग साइट्स, ई-काॅमर्स वेबसाइट्स लगभग सभी आजकल इस तरह के लाॅग-इन आॅफर कर रही है। इससे 100% सेफ्टी रहती है। टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन तकनीक का पेटेंट 1984 में किया गया था। हालांकि इसे पिछले कुछ सालों में ही अपनाया गया है। यह ऐसी तकनीक है जिसमें दो चीजों के मिलान से किसी बैंक अकाउंट, ईमेल अकाउंट या फिर किसी भी सुरक्षित चीज तक पहुंच बनाई जाती है। आजकल टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन में मोबाइल फोन से एसेस दिया जाता है। जब भी आप अपने नियमित यूजरनेम और पासवर्ड से लाॅग-इन करते हैं आपके फोन पर चार अंक का कोड आता है। इसी कोड को लाॅग-इऩ के साथ डाला जाता है और अकाउंट खुल जाता है।two factor authentication

भूलकर भी पासवर्ड सेव ना करें

जब दर्जनों विभिन्न वेबसाइट्स पर अकाउंट हो तो पासवर्ड याद रख पाना मुश्किल हो सकता है। इस स्थिति में ब्राउजर में पासवर्ड सेव करना बहुत ही आसान तरीका लगता है। लेकिन आपको ऐसा करना बंद कर देना चाहिए। क्योंकि यह सुरक्षित नहीं है। इसलिए जब भी आप किसी भी साइट पर लाॅग-इन करें और ब्राउजर पासवर्ड आदि सेव करने के लिए पूछे तो ऐसा बिल्कुल भी ना करें। हो सकता है आपके ब्राउजर में किसी तरह की समस्या आ जाए और आपके सारे पासवर्ड आदि चोरी हो जाए।

ऐप परमिशन सेट करें

जब भी आप प्ले स्टोर से कोई ऐप इंस्टाॅल करते हैं तो वहां कई तरह की परमिशन पूछी जाती है। हालांकि गूगल ने एंड्राॅयड के पिछले लेटेस्ट वर्जन्स के साथ ऐप परमिशन को थोड़ा सुरक्षित बनाने की कोशिश की है। हालांकि ज्यादातर यूजर इस चीज को बिल्कुल ही नजरअंदाज कर देते हैं और सारी परमिशन एक ऐप को दे देते हैं। वह भी बिना सोचे कि इन सभी परमिशन के साथ ऐप आपका डाटा कहां इस्तेमाल कर सकती है। इसलिए अगर आपको किसी ऐप को आपके फोन के काॅन्टेक्ट, मीडिया, फोटो आदि की परमिशन देने को लेकर शंका है तो उस ऐप के परमिशन लेवल को सेटिंग्स में जाकर तुंरत रिसेट कर देवें।

शाॅर्ट लिंक्स से बचें

इंटरनेट सर्फिंग के दौरान कई बार सोशल मीडिया वेबसाइट्स या ईमेल पर शाॅर्ट लिंक्स मिलते हैं। इन्हें खोलने से बचें, कई बार इन्हें खोलना खतरनाक हो सकता है और आपकी आईडी पासवर्ड भी चोरी हो सकते हैं। इतना ही नहीं आपका सोशल मीडिया अकाउंट हैक भी हो सकता है। कई हैकर्स आपका पर्सनल डाटा चुराने के लिए यह तरीका अपनाते हैं।

असुरक्षित Wi-Fi नेटवर्क इस्तेमाल करने से बचें

मोबाइल फोन से पूरी दुनिया से कनेक्ट रहना आजकल बहुत महत्वपुर्ण हो गया है। लेकिन कई बार होता है कि हम कोई यात्रा पर हो या फिर इंटरनेट कनेक्शन अच्छा ना हो। इस स्थिति में फ्री वाई-फाई या शेयर्ड हाॅटस्पाॅट से कनेक्ट हो जाते हैं। इस स्थिति में इस तरह के वाई-फाई पर केवल वेबसाइट्स ब्राउज और सर्फिंग ही करें। लेकिन ऐसे नेटवर्क पर किसी भी तरह का लाॅग-इन आदि बिल्कुल ना करें। क्योंकि हो सकता है आपकी इन्फोर्मेशन पर नजर रखी जा रही हो और आपका अकाउंट हैक भी हो जाए। इसके साथ बैंक अकाउंट आदि को तो भुलकर भी ना खोले। हो सके तो इस तरह के असुरक्षित वाई-फाई कनेक्शन हो इस्तेमाल करने से बचें।

Malware & Virus स्कैन करते रहें

गूगल प्ले स्टोर पर कई सारी ऐप्स है जिनमें स्कैन फीचर होता है। इसके साथ ही ये ऐप्स cache, thrash और अन्य प्रकार की फालतू चीजों को रिमूव करने का आॅप्शन देती है। बस गूगल प्ले स्टोर पर एंटीवायरस सर्च करें और अपने हिसाब से कोई एक अच्छी ऐप डाउनलोड कर लें। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि कई बार ये ऐप्स आपके स्मार्टफोन को धीमा भी बना सकती है क्योंकि ये ऐप्स लगातार और बार-बार फोन की फाइल्स आदि को स्कैन आदि करती रहती है। लेकिन अगर आपके पास एक अच्छा स्मार्टफोन है तो यह समस्या ज्यादा नहीं आएगी।

यह कुछ तरीके है जिनसे आप अपने एंड्राॅयड स्मार्टफोन को सिक्योर बना सकते हैं। अगर आपको लगता है कि हम इस आर्टिकल में कोई अन्य तरीका लिखना भूल गए है तो आप कमेंट सेक्शन में हमारे साथ शेयर कर सकते हैं। इसके साथ ही आप हमें @phoneradarhindi पर ट्विट भी कर सकते हैं।

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