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Cyber Swachhta kendra

साइबर अटैक रोकने के लिए भारत सरकार ने लाॅन्च किया ‘साइबर स्वच्छता केन्द्र’

देश का सुरक्षित तौर पर डिजीटलीकरण करने के लिए भारत सरकार ने अपने डिजीटल इंडिया पहल के अन्तर्रगत ‘साइबर स्वच्छता केन्द्र’ शुरु किया है। देश में वर्ष 2014, 2015 और 2016 में क्रमशः 44,679, 49,455 और 50,362 साइबर घटनाएं हुई है। इन्हीं को ध्यान मे रखते हुए साइबर सुरक्षा केन्द्र शुरु किया गया है। केन्द्र देश में आॅनलाइन कम्प्यूटर, मोबाइल आदि को सुरक्षित बनाने के लिए लाॅन्च किया गया है। यह देश में कम्प्यूटर या मोबाइल इस्तेमाल करने वाले यूजर के सिस्टम को इंनफेक्शन से बचाएगा। इसे मिनिस्ट्री आॅफ इलेक्ट्राॅनिक्स एंड इनफोर्मेशन टेक्नोलोजी ने इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-In) की मदद से बनाया है।

देश को डिजीटल तौर पर तैयार करने और बढ़ रहे साइबर अटैक को ध्यान में रखेत हुए साइबर सुरक्षा केन्द्र की वेबसाइट लाॅन्च की गई है। यह सिस्टम में हुई इनफेक्शन तो तुरन्त बता देगा। वेबसाइट पर कम्प्यूटर और मोबाइल फोन के लिए करीब आधा दर्जन साॅफ्टवेयर औऱ टूल दिए हुए है। जिन्हें फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है।

क्या है साइबर सुरक्षा केन्द्र?

साइबर सुरक्षा केन्द्र का दूसरा नाम बोटनेट क्लिनिंग एंड मालवेयर एनालिसिस सेंटर है। साइबर सुरक्षा केन्द्र की वेबसाइट पर जाकर आप विभिन्न तरह के सुरक्षा टूल्स अपने कम्प्यूटर या स्मार्टफोन में डाउनलोड कर सकते हैं। जिसके बाद यह आपके सिस्टम को बोट के आक्रमण से बचाता है। बोट एक साॅप्टवेयर होता है जो आपके कम्प्यूटर में हो तो जानकारी चुरा सकता है और यहां तक कि आपके सिस्टम को कंट्रोल भी कर सकता है। साइबर सुरक्षा केन्द्र इंडस्ट्री औऱ इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों (ISP) के साथ मिलकर काम करता है।

डाउनलोड करें फ्री साॅफ्टवेयर/ टूल

आप नीचे बताए गए टूल्स को साइबर सुरक्षा केन्द्र की वेबसाइट से सीधे डाउनलोड कर सकते हैं।

USB प्रतिरोध

जैसा कि नाम से ही पता चलता है। इसे USB डिवाइस जैसे पेन ड्राइव, हार्ड ड्राइव औऱ अन्य USB मास स्टोरेज डिवाइस को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है। यह एक डेस्कटाॅप सिक्योरिटी साॅल्यूशन है जो रिमूवेबल स्टोरेज को सुरक्षा प्रदान करता है।

ऐप संविद

यह भी एक डेस्कटाॅप पर चलने वाली ऐप्लिकेशन है। अगर आपके कम्प्यूटर में माइक्रोसाॅप्ट का विंडोज आॅपरेटिंग सिस्टम है तो आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें आप कुछ साॅफ्टवेयर को चलने की इजाजत दे सकते हैं। इसके अलावा अन्य साॅफ्टवेयर को यह ऐप चलने से रोकेगी और आपके सिस्टम को सुरक्षित बनाएगी।

M-कवच

इसका मतलब है मोबाइल का कवच। यह मोबाइल फोन को सुरक्षित बनाने के लिए लाॅन्च की गई है। अभी यह एंड्राॅयड आॅपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले स्मार्टफोन के लिए ही उपलब्ध है। यह आपके फोन को मालवेयर आदि से बचाएगा जो फोन की जानकारी और डाटा चुरा लेते हैं। इसके साथ ही यह वाई-फाई या ब्लूटुथ से होने वाले खतरों से भी सुरक्षित बनाता है। इसमें खोए हुए फोन को ढूंढने का फीचर भी है। कहने का मतलब यह है कि M-कवच पूरी तरह से एक मोबाइल एंटीवायरस है।

ब्राउजर JS गार्ड

आपने अपने ब्राउजर पर एक्सटेंशन का इस्तेमाल किया ही होगा। यह टूल भी एक एक्सटेंशन है। यह वेब ब्राउजर को HTML और जावास्क्रीप्ट अटैक से बचाता है। साथ ही कोई वेबपेज आपकी जानकारी चोरी करने की कोशिश करें तो आपको सतर्क कर देता है।

इस मौके पर यूनियन आईटी एंड इलेक्ट्राॅनिक मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने बताया कि,” यह केन्द्र नागरिकों में बोटनेट और मालवेयर इनफेक्शन को लेकर जागरुकता लेकर आएगा और इसके लिए जरुरी उपाय बताएगा। अभी देश में 13 बैंक और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर इस फैसिलिटी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार देश में 10 अन्य STQC (स्टैंडराइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन) टेस्टिंग फैसिलिटी भी शुरु करेगी।

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