Sunday , October 22 2017
Understanding the Low Light Photography
Understanding the Low Light Photography

स्मार्टफोन पर कम रोशनी में भी फोटोग्राफी कैसे करे?

उजाला अच्छा हो तो फोटो लेना भी बहुत आसान हो जाता है। लेकिन जरुरी नहीं कि स्थिति हमेशा आपके पक्ष में ही हो और हमेशा उजाला ही हो। आजकल लगभग सभी स्मार्टफोन LED फ्लैश के साथ आ रहे हैं जिस कारण किसी भी चीज पर पाइंट कर फ्लैश की सहायता से अच्छी फोटो ली जा सकती है। लेकिन फ्लैश के साथ भी कई बार फोटो अच्छी नहीं आ पाती जैसा कि दिन के समय में आती है। कम उजाले में भी बेहतर फोटो ली जा सकती है, आज हम इसी के बारे में बात करेगें।

Low Light क्या है?

पहले आपको यहां यह समझना होगा कि कम रोशनी से हमारा मतलब रात के समय फोटो लेने से नहीं है। दिन के समय भी हो सकता है कि आप किसी बिल्डिंग या पेड़ के नीचे हो और वहां रोशनी कम हो। बाहर खुली जगह में दिन के समय जितनी रोशनी होती है, उससे कम रोशनी होने पर ही इसे लो-लाइट कहा जाना चाहिए। ज्यादातर कैमरे इस तरह की स्थिति में फोटो लेने के लिए नहीं बनाएं जाते। लो-लाइट कंडिशन तीन प्रकार की हो सकती है –

Visible – दिन में अगर आप किसी बिल्डिंग के पीछे, पेड़ या ब्रिज के नीचे हो
Low Light – यह स्थिति सूर्य अस्त के बाद आती है जब आपकी आंखे तो देख पाती है लेकिन धीरे-धीरे अंधेरा होने लगता है। अगर आप किसी अंदरूनी जगह पर हो तब भी यह स्थिति हो सकती है।
Dark – इस स्थिति में बिल्कुल अंधेरा होता है और केवल कृत्रिम लाइट से ही देखा जा सकता है।

Exposure क्या है?

एक्सपोजर का मतलब होता है कि फोटो लेने के बाद कोई ईमेज कितनी चमकीली या काली होगी। एक्सपोजर के तकनीकी पक्ष की बात करें तो यह एक मापन इकाई है जिसमें आप पता कर सकते हैं कि कैमरा सेटिंग ने फोटो लेते वक्त कितनी लाइट कैमरे के इलेक्ट्राॅनिक सेंसर तक भेजी है। इसमें तीन फैक्टर महत्वपूर्ण होते हैं – Aperture, ISO और शटर स्पीड। यह तीनों एक्सपोजर के अन्तर्गत आते हैं। इन तीनों को पूरी तरह से सीखने में थोड़ी मेहनत लगती है जो कि आप कर सकते हैं अगर आपमें फोटोग्राफी को लेकर थोड़ा क्रेज हो।

इन फैक्टर्स को एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि परफेक्ट एक्सपोजर पाना बारिश को एक बाल्टी में भरने जैसा है। एक तरफ हम बारिश को कंट्रोल नहीं कर सकते, लेकिन आप बाल्टी में ज्यादा पानी भी नहीं भर सकते क्योंकि इसके तीन फैक्टर हमारे हाथ में है। बाल्टी की चौड़ाई, होने वाली बारिश और इसके पानी की मात्रा जिसे आप संग्रहित करना चाहते हैं। यह भी ध्यान रखे कि यहां आप ना तो ज्यादा औरर ना ही कम पानी संग्रहित कर सकते हैं।

अब इसे ऐसे समझे कि एक्सपोजर सेटिंग का अपर्चर, शटर स्पीड और ISO क्रमशः ऊपर बताई गई चौड़ाई, समय और मात्रा के बराबर है। जैसे कि कितनी तेज बारिश होगी यह आपके हाथ में नहीं था वैसे ही एक्सपोजर के मामले में भी फोटोग्राफर के हाथ में रोशनी की मात्रा नहीं होती।

फोकस क्या है?

Nicolesyblog Focus Out of Focus

फोकस शार्पनेस के अनुरूप होता है और पूरी तरह से इसी पर निर्भर भी करता है। किसी भी चीज की फोटो लेते वक्त अगर फोकस उस वस्तु पर नहीं होगा तो वह पिक्चर अजीब लगेगी। इसे इस तरह भी समझ सकते हैं कि जब इंसान का दिमाग एक ही काम पर ध्यान लगाता है तो काम बेहतर तरीके से होता है, लेकिन दिमाग केन्द्रित नहीं हो तो उसका असर काम पर भी दिखता है। यहीं बात ईमेज पर भी लागू होती है। अगर कैमरे के लेंस का फोकस भी सही होगा तो फोटो भी सही आएगी नहीं तो यह धूंधली होगी।

ऐप्स

जैसा कि आपको एक्सपोजर और फोकस के बारे में पता चल गया है तो अब जरा उन ऐप्स के बारे में जान लेते हैं जिनसे आप कम रोशनी में भी अच्छी पिक्चर ले पाएंगे। इस तरह की ऐप्स ज्यादा नहीं है जो कम रोशनी में भी अच्छी पिक्चर देवें। लेकिन कैमरा माॅड्यूल को ही इतना सक्षम होना पड़ता है जिससे कि यह ISO, एक्सपोजर और अपर्चर जैसे फीचर का इस्तेमाल कर सके। यह सब आपके स्मार्टफोन कैमरा की क्वालिटी पर निर्भर करता है। ज्यादातर स्मार्टफोन्स में कंपनी की ओर से पहले से ही इंस्टाॅल कैमरा ऐप आती है। लेकिन फिर भी आप गूगल प्ले स्टोर से नीचे दी गई ऐप्स को डाउनलोड कर देख सकते हैं।

एंड्राॅयड – गूगल कैमरा

इस ऐप को सबसे पहले गूगल के नेक्सस डिवाइस के लिए लाॅन्च किया गया था। इस ऐप के HDR+ फीचर से आप कम रोशनी में भी बहुत अच्छे फोटो ले सकते है। HDR+ आॅप्शन में यह ऐप एक बार में कई सारे फोटो लेती है जिससे इसमें थोड़ा वक्त भी लगता है। जिसके बाद यह इन सभी पिक्चर्स को जोड़कर एक खुबसूरत फोटो बना देती है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

Google HDR OFF ON

विडोंज फोन & iOS – ProShot

लुमिया स्मार्टफोन्स को अपने बेहतर कैमरे के लिए जाना जाता है। यहां तक कि लुमिया का 5 मेगापिक्सल का कैमरा भी दूसरे फोन के 5 मेगापिक्सल कैमरे से बेहतर पिक्चर लेता है। लुमिया फोन के साथ आने वाली कैमरा ऐप वैसे तो ठीक है लेकिन आप ProShot नाम से आने वाली ऐप भी इंस्टाॅल कर देखें। यह उस ऐप से थोड़ी अच्छी है। इस ऐप में आप एक्सपोजर, ISO और शटर स्पीड को थोड़ा एडजस्ट कर बेहतर पिक्चर ले सकते हैं। यहीं ऐप ऐप्पल iOS के लिए भी उपलब्ध है।

इनके अलावा आप कम रोशनी में बेहतर पिक्चर लेने के लिए अन्य उपाय भी कर सकते हैं। जिन्हें हम नीचे दे रहे हैं –

Tripod का इस्तेमाल करें

संतुलित फोटो लेने के लिए ट्राईपोड का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन जब हम कम रोशनी में फोटोग्राफी की बात करते हैं तो इस स्थिति में ट्राईपोड की मदद से धूंधली पिक्चर आने की संभावनाओं से बचा जा सकता है। ट्राईपोड या फिर मोनोपोड भी आपको परफेक्ट पिक्चर लेने में मदद कर सकता है।

अतिरिक्त लाइट लगाएं

अगर घर के अंदर या इनडोर लाइट ना हो तो आप एक अतिरिक्त लाइट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके लिए ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं है बस जिसकी फोटो ले रहे हैं उस पर थोड़ी लाइट हो तो भी काम हो जाएगा।

कैमरा सेटिंग चेक करें

अगर आप एक अच्छे कैमरा माॅड्यूल वाला स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप इसकी सेटिंग को मैनुअल मोड में लाकर इसका एक्सपोजर, ISO और शटर स्पीड एडजस्ट कर सकते हैं। सेटिंग इस तरह रखें कि कम रोशनी में भी फोटो में डिटेल ज्यादा आए और नोइज कम हो।

ऐप्स से एडिट करें

एक बार फोटो लेने के बाद अगर पिक्चर अच्छी नहीं आई है तो आप फिर से फोटो ले सकते हैं। या फिर आप चाहे तो इन फोटो को अपने स्मार्टफोन या डेस्कटाॅप पर ऐप या साॅफ्टवेयर की मदद से एडिट भी कर सकते हैं। फोटो एडिटिंग के लिए कई सारी ऐप्स आती है। आप Pixlr, गूगल की Snapseed जैसी ऐप का इस्तेमाल कर भी फोटो को बेहतर बना सकते हैं। यह दोनो ऐप्स गूगल प्ले स्टोर के साथ ही ऐप स्टोर पर भी उपलब्ध है।

Zoom ना करें

Google No Digital Zoom

अगर दूर किसी वस्तु की फोटो लेना चाहते हैं तो जूम ना करे और फिर कम रोशनी में तो ऐसा बिल्कुल भी ना करें। कम रोशनी में नाॅर्मल मोड में वैसे ही फोटो अच्छी नहीं आती, इस पर जूम करने से यह स्थित खराब हो जाती है। सबसे अच्छा तरीका यह रहेगा कि आप बिना जूम किए फोटो ले और फिर बाद में ईमेज को क्राॅप कर लें।

कम रोशनी में फोटो लेना आपकी स्किल्स पर निर्भर करता है। इसके लिए आप फोटो लेकर देखें और अच्छी पिक्चर नहीं आने पर प्रयास करते रहें। तकनीक के साथ प्रयोग करते रहने पर आपको अच्छे रिजल्ट मिलेगें। फोटोग्राफी को लेकर आपको यह आर्टिकल कैसा लगा? हमें कमेंट सेक्शन में जरुर बताएं। इसके साथ ही आप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS), फोकस & डिफोकस आदि पर भी हम आने वाले समय में आर्टिकल शेयर करेगें। इसलिए हमारे साथ बने रहे।

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